Munnawar Rana Shayari

Saare Hawa Mein Ghol Di Hai

सारे हवा में घोल दी है नफरतें और हवास अहल ए सियासत ने
मगर न जाने क्यों पानी कुँए का आज तक मीठा निकलता है.

Picture: Saare Hawa Mein Ghol Di Hai
Vote This Post DownVote This Post Up 0

Haye Wo Daure Zindagi

हाय वो दौरे ज़िन्दगी, जिसका लक़ब शबाब था,
कैसी लतीफ़ नींद थी, कैसा हसीं ख़्वाब था…..

Picture: Haye Wo Daure Zindagi
Vote This Post DownVote This Post Up 0

Ghazal Aur Shayari Ki Saltanat

ग़ज़ल और शायरी की सल्तनत पर आज भी क़ब्ज़ा हमारा है
इसलिए तो हम अपने नाम के आगे अभी राना लगाते हैं.

Picture: Ghazal Aur Shayari Ki Saltanat
Vote This Post DownVote This Post Up 0