Shayari About Ghar

Jab Kis Se Koi Gila Rakhna

जब किसी से कोई गीला रखना, सामने अपने आईना रखना,

यूं उजालों से वासता रखना, शम्मा के पास ही हवा रखना,

घर कि तामीर चाहे जैसी हो, इसमें रोने कि जगह रखना,

मस्जिदें हैं नामाजियों के लिए, अपने घर में कहीं खुदा रखना,

मिलना-जुलना जहाँ जरूरी हो, मिलने-जुलने कि हौसला रखना !

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