Gulzar Shayari

Zindagi Yun Hui Basar Tanha

Zindagi yun hui basar tanha,
qafila sath aur safar tanha,
apne saye se chaunk jate hain,
umr guzri hai is qadar tanha,
raat bhar bolate hain sannate,
raat kate koi kidhar tanha,
din guzarata nahi hai logon mein,
raat hoti nahi basar tanha,
hum ne daravaze tak to dekha tha,
phir na jane gaye kidhar tanha.

Ek Umar Hui Hai Toh Hassi Bhul Chuka Hu

इक उर्म हुई मैं तो हंसी भूल चुका हूँ,
तुम अब भी मेरे दिल को दुखाना नही भूले ।

Ye Tumne Theek Kaha Hai

“ये तुमने ठीक कहा है, तुम्हें मिला ना करूं
मगर मुझे ये बता दो कि क्यों उदास हो तुम?”

Mehdud Hai Duaon Mere Akhtiyar Mein

महदूद हैं दुआएँ मेरे अख्तियार में,
हर साँस हो सुकून की तू सौ बरस जिये!

Bahot Aandar Tak Jala Deti Hai

बहोत अंदर तक जला देती है, वो शिकायतें जो बयाँ नही होती..

Apne Hothon Se Chun Raha Hoon

अपने होठों से चुन रहा हूँ तुम्हारी सासों की आयतों को,
कि जिसम के इस हसीन काबे पे रूह सजदे बिछा रही है।

Kabhi Kabhi Toh Aawaz Dekar

“कभी कभी तो आवाज़ देकर
मुझको जगाया ख़्वाबो ने..!”

Gul Se Lipti Hui Titali

गुल से लिपटी हुई तितली को गिराकर देखो,
आँधियों तुमने दरख्तों को गिराया होगा।

Puch Kar Apni Nigahon Se

“पूछ कर अपनी निगाहों से बता दे मुझको,
मेरी राहों के मुकद्दर में सहर है कि नही..”

Bahut Mushkil Se Karta Hoon

बहुत मुश्किल से करता हूँ,
तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है,
पर गुज़ारा हो ही जाता है…