Meri Fitrat Mein Nahi Hai Kisi Se Naraz Hona


मेरी फितरत में नहीं हैं किसी से नाराज होना, नाराज वो होतें हैं
जिन्हें अपने आप पर गुरूर होता है।

Category: Narazagi Shayari

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