Kuch Ko So Main Toh Kuch Ko Hazaar Main


कुछ को सौ में तो कुछ को हज़ारों में,
इंसान और इंसानियत को बिकते देखा है मैंने बाज़ारों में..!!

Kuch Ko So Main Toh Kuch Ko Hazaar Main
Category: Paisa Shayari

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