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2011 मैं खोया बहुत कुछ पाया कुछ कुछ ,

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  • 2011 मैं खोया बहुत कुछ पाया कुछ कुछ ,

    इस साल मैं जिंदगी मैं बहुत कुछ खोया बहुतकुछ पाया , प्यार की परिभाषा को समझना चाहा , उसको अपनी जिंदगी मैं अपनाना चाहा , लेकिन प्यार के राह मैं खो गया , दिल शीशे की तरह टूट गया , अपना दिल खुद ही अपने से रूठ गया , इस दर्दभरी दास्ताँ मैं आंसू ही बने इस बेसहारे का सहारा और जिंदगी को दुबारा दिखाया किनारा, खेर प्यार के मामले मैं मैंने प्यार खोया लेकिन उससे खुद को सँभालने का तरीका सिखा कुछ खोया तो कुछ पाया .
    कहुगा नहीं किसी को बुरा इस साल मैं जो बीजा वोही पाया,खो खो कर काफी कुछ पाया , लोगो को दर्द भी दिया प्यार भी दिया लेकिन लोगो को ज्यादा दे खुद की झोली को खली पाया , खेर 2011 गया बहुत कुछ खोया कुछ कुछ पाया,





    उम्मीद है ये आने वाला साल कुछ देगा प्यार से मुझे ,

    ख़ुशी नहीं कम से कम संतुष्टि तो देगा मुझे ,

    उम्मीद है उस समय की जब कुछ खो कर भी ख़ुशी मिले मुझे ,

    २०११ के जाने की जितनी ख़ुशी गम भी उतना है ,

    जो यादे इस साल मैं मिली वो अगली बार आये या न आये इस का भी ख्याल उतना है,

    दोस्तों जो बीत गया उससे मैंने बहुत कुछ खोया और कुछ कुछ पाया है लेकिन हस्सी ख़ुशी मैंने इस साल को भी अपना कर अगले साल को अपनाया है

    धन्यवाद्
    jindagi ch 1 hi khawab hai ki je miliya mauka mainu main orphan children's nu help kara

  • #2
    nyccccccc
    'ਘੱਟ' ਲਿਖੀਦਾ BUT 'ਅੱਤ' ਲਿਖੀਦਾ !

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    • #3
      thank''s
      jindagi ch 1 hi khawab hai ki je miliya mauka mainu main orphan children's nu help kara

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      • #4
        nice but strongly need to improve presentation..

        "It is not enough to aim; you must hit."

        sigpic

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        • #5
          ok sir i will trying to improve myself thanks
          jindagi ch 1 hi khawab hai ki je miliya mauka mainu main orphan children's nu help kara

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          • #6
            nice nice

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