gurpreet singh
7th June 2009, 02:42 AM
चल अकेला चल अकेला तेरा मेला पीछे छुटा राही चल अकेला
हजारो मील लंबे रासते तुझको बुलाते
जहा दुख सहने के वासते तुझको बुलाते
है कौन सा वो इंसान यहा पे जिसने दुख ना झेला
तेरा कोई साथ ना दे तो तू खुदसे साथ जोंङ ले
विछोना धरती का करके अरे आकाश उोङले
यहा पे पूरा खेल अभी जीवना का तूने कहा है खेला
चल अकेला चल अकेला तेरा मेला पीछे छुटा राही चल अकेला
हजारो मील लंबे रासते तुझको बुलाते
जहा दुख सहने के वासते तुझको बुलाते
है कौन सा वो इंसान यहा पे जिसने दुख ना झेला
तेरा कोई साथ ना दे तो तू खुदसे साथ जोंङ ले
विछोना धरती का करके अरे आकाश उोङले
यहा पे पूरा खेल अभी जीवना का तूने कहा है खेला
चल अकेला चल अकेला तेरा मेला पीछे छुटा राही चल अकेला